Andrew Murray 1828–1917
12 पुस्तकें पुस्तकालय में1828 में दक्षिण अफ़्रीका में जन्मे एंड्रयू मरे जूनियर ने एक पादरी और धर्मविज्ञानी के रूप में सेवा की, और प्रार्थना पर अपनी शिक्षाओं के द्वारा अनेकों को प्रभावित किया। उन्होंने शिक्षा-संस्थाओं की स्थापना की, 240 से अधिक रचनाएँ लिखीं, और 1917 में अपनी मृत्यु तक मसीही चिन्तन पर गहरा प्रभाव डाला। गहरे आत्मिक जीवन पर लिखी उनकी पुस्तकें आज भी संसार भर के विश्वासियों का मार्गदर्शन करती हैं। मरे ने दीनता, परमेश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण, और अन्तर में वास करनेवाले मसीह पर बल दिया। उनकी उत्कृष्ट कृतियाँ गहरी आत्मिक परिपक्वता चाहनेवाले मसीहियों के लिये आज भी अनिवार्य पाठ बनी हुई हैं।





