पूलों के बीच बीनी हुई बालें
परमेश्वर का वचन

अध्याय 17 · 1 मिनट का पठन

परमेश्वर का वचन

बाइबल कैसे पढ़ें

तुम बाइबल को लगातार पढ़ते रह सकते हो, और फिर भी उससे कुछ न सीखो, जब तक कि आत्मा उसे प्रकाशित न करे; और तब उसके शब्द तारों के समान चमक उठते हैं। पुस्तक मानो सोने के पत्तरों से बनी जान पड़ती है; उसका एक-एक अक्षर हीरे के समान जगमगाता है। आह! पवित्र आत्मा के तेज से उजियाली हुई, प्रकाशित बाइबल को पढ़ना कैसी धन्य बात है। क्या तुमने बाइबल पढ़ी है, और फिर भी तुम्हारी आँखें प्रकाशहीन ही रहीं? जाओ और कहो, "हे प्रभु, इसे प्रकाशित कर; इस पर अपना प्रकाश चमका; क्योंकि जब तक तू मुझे प्रकाश न दे, मैं इसे लाभ के साथ नहीं पढ़ सकता।" अन्धे मनुष्य अपनी उँगलियों से बाइबल पढ़ सकते हैं, परन्तु अन्धे प्राण नहीं पढ़ सकते। बाइबल पढ़ने के लिये हमें ज्योति चाहिए; अन्धकार में उसे पढ़ा ही नहीं जा सकता।

अचूक व्याख्या

जो परमेश्वर के वचन को सबसे अच्छी तरह जानना चाहते हैं, उन्हें उसका अध्ययन उसी के प्रकाश में करना चाहिए।

हृदय से सीखना

जब तक हम सुसमाचार की सच्चाइयों को अनुभव न करें, तब तक हम उसके विषय में कुछ भी नहीं सीख सकते। कुछ विद्याएँ ऐसी हैं जो सिर से सीखी जा सकती हैं, परन्तु क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह की विद्या केवल हृदय से ही सीखी जा सकती है।

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