परमेश्वर की बाट जोहना ·सब पवित्र लोगों के लिये

अध्याय 8 · 5 मिनट का पठन

एआई अनुवाद — मातृभाषी समीक्षा बाकी

सब पवित्र लोगों के लिये

छठवाँ दिन। परमेश्वर की बाट जोहना: सब पवित्र लोगों के लिये।

'जितने तेरी बाट जोहते हैं उनमें से कोई लज्जित न हो।'— भजन संहिता 25:3

आइए, आज के अपने मनन में हम में से हर एक अपने आप को भूल जाए, और सारे संसार में फैले परमेश्वर के पवित्र लोगों की उस बड़ी मण्डली का स्मरण करे, जो सब हमारे साथ उसी की बाट जोह रहे हैं। और आइए, हम सब एक दूसरे के लिये इस तत्पर प्रार्थना में सम्मिलित हों, 'जितने तेरी बाट जोहते हैं उनमें से कोई लज्जित न हो।'

एक क्षण के लिये बाट जोहनेवालों की उस भीड़ का विचार कीजिए जिसे उस प्रार्थना की आवश्यकता है; कितने हैं जो रोगी और थके और अकेले हैं, जिन्हें ऐसा लगता है मानो उनकी प्रार्थनाओं का उत्तर नहीं मिलता, और जो कभी-कभी डरने लगते हैं कि उनकी आशा लज्जित होगी। और फिर, परमेश्वर के कितने ही सेवक, सेवकाई करनेवाले या मिशनरी, शिक्षक या कार्यकर्ता, नाना नामों के, जिनकी अपने काम के विषय की आशाएँ टूट गई हैं, और जिनकी सामर्थ्य और आशीष की लालसा अब तक अतृप्त पड़ी है। और फिर, कितने ही ऐसे भी हैं जिन्होंने विश्राम और पूर्ण शान्ति के, स्थिर ज्योति और संगति के, सामर्थ्य और जय के जीवन के विषय में सुना है, और जो उस मार्ग को पा नहीं सकते। इन सबके विषय में बात इसके सिवा और कुछ नहीं कि उन्होंने परमेश्वर की भरपूर बाट जोहने का भेद अब तक नहीं सीखा। उन्हें बस उसी की आवश्यकता है जिसकी हम सबको है—इस जीवित भरोसे की कि परमेश्वर की बाट जोहना कभी व्यर्थ नहीं हो सकता। आइए, हम उन सबका स्मरण करें जिन्हें मूर्छित होने या थक जाने का भय है, और सब मिलकर यह पुकार उठाएँ, 'जितने तेरी बाट जोहते हैं उनमें से कोई लज्जित न हो'!

यदि उन सबके लिये यह विनती जो परमेश्वर की बाट जोहते हैं, अपने ही लिये उसकी बाट जोहने का एक अंग बन जाए, तो हम एक दूसरे के भार उठाने में सहायक होंगे, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करेंगे।

परमेश्वर की हमारी बाट जोहने में निःस्वार्थता और प्रेम का वह तत्त्व आ जाएगा, जो सर्वोच्च आशीष का, और परमेश्वर के साथ की परिपूर्ण संगति का मार्ग है। भाइयों से प्रेम और परमेश्वर से प्रेम अटूट रीति से जुड़े हुए हैं। परमेश्वर में, अपने पुत्र से उसका प्रेम और हम से उसका प्रेम एक ही हैं: 'जो प्रेम तुझको मुझसे था, वह उनमें रहे।' मसीह में, पिता का उससे प्रेम, और उसका हम से प्रेम, एक ही हैं: 'जैसा पिता ने मुझसे प्रेम रखा, वैसे ही मैंने तुम से प्रेम रखा।' और हम में, वह यह माँगता है कि हम से उसका प्रेम भाइयों के प्रति हमारा प्रेम बन जाए: 'जैसा मैंने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो।' परमेश्वर का और मसीह का सारा प्रेम भाइयों से प्रेम के साथ अटूट रीति से जुड़ा हुआ है। और हम दिन-प्रतिदिन इस प्रेम को, एक दूसरे के लिये प्रतिदिन प्रार्थना करने के सिवा, और किस रीति से प्रमाणित और पुष्ट कर सकते हैं? मसीह ने पिता के प्रेम को अपने ही लिये भोगना न चाहा; उसने वह सब हम तक पहुँचा दिया। परमेश्वर की और उसके प्रेम की अपने लिये की गई हर सच्ची खोज अपने भाइयों के विचार और उनके लिये प्रार्थना में उनके प्रेम के साथ अटूट रीति से जुड़ी रहेगी।

'जितने तेरी बाट जोहते हैं उनमें से कोई लज्जित न हो।' इस भजन में दाऊद दो बार अपने लिये परमेश्वर की बाट जोहने की चर्चा करता है; यहाँ वह उन सबका विचार करता है जो उसकी बाट जोहते हैं। यह पृष्ठ परमेश्वर के उन सब परखे हुए और थके हुए जनों तक यह सन्देश ले जाए कि उनके लिये प्रार्थना करनेवाले उससे कहीं अधिक हैं जितना वे जानते हैं। यह उन्हें और हमें, हमारी बाट जोहने में, इस बात के लिये उभारे कि हम कभी-कभी जान-बूझकर अपने आप को भूल जाएँ, और अपने हृदयों को चौड़ा करें, और पिता से कहें, 'इन सब को तेरा ही आसरा है, कि तू उनका आहार समय पर दिया करे।' यह हम सबको नया हियाव दे—क्योंकि ऐसा कौन है जो कभी-कभी मूर्छित होने और थक जाने को तैयार न हो? 'जितने तेरी बाट जोहते हैं उनमें से कोई लज्जित न हो' प्रार्थना में छिपी हुई एक प्रतिज्ञा है, 'जितने तेरी बाट जोहते हैं उनमें से कोई लज्जित न होगा'! अनेकानेक साक्षियों की ओर से यह पुकार हर एक के पास आती है जिसे सहायता की आवश्यकता है—हे भाई, हे बहन, हे परखे हुए जन, 'यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बाँध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हाँ, यहोवा ही की बाट जोहता रह। हे यहोवा पर आशा रखनेवालों, हियाव बाँधो और तुम्हारे हृदय दृढ़ रहें।'

धन्य पिता! हम दीनता से तुझसे विनती करते हैं, जितने तेरी बाट जोहते हैं उनमें से कोई लज्जित न हो; नहीं, एक भी नहीं। कुछ थके हुए हैं, और बाट जोहने का समय लम्बा जान पड़ता है। और कुछ निर्बल हैं, और मुश्किल से जानते हैं कि बाट कैसे जोहें। और कुछ अपनी प्रार्थनाओं और अपने काम के परिश्रम में ऐसे उलझे हुए हैं कि वे सोचते हैं कि उन्हें निरन्तर बाट जोहने का समय ही नहीं मिल सकता। हे पिता! हम सबको सिखा कि बाट कैसे जोहें। हमें सिखा कि हम एक दूसरे का विचार करें, और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करें। हमें सिखा कि हम तेरा विचार करें, जो सब बाट जोहनेवालों का परमेश्वर है। हे पिता! जितने तेरी बाट जोहते हैं उनमें से कोई लज्जित न हो। यीशु के निमित्त। आमीन।

'हे मेरे मन, परमेश्वर के सामने चुपचाप रह!'

विषय-सूची

परमेश्वर की बाट जोहना Andrew Murray

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