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व्यक्तिगत परिचय
गैरेथ और उनकी पत्नी ऐन, दोनों का जन्म और पालन-पोषण वेल्स में हुआ। उन्होंने 1961 में विवाह किया, जब गैरेथ वेल्स विश्वविद्यालय से भौतिकी में ऑनर्स सहित विज्ञान स्नातक की उपाधि तथा शिक्षा में डिप्लोमा प्राप्त कर चुके थे। 1975 में वे कनाडा जा बसे, जहाँ गैरेथ ने अपने चुने हुए पेशे में, माध्यमिक विद्यालय के भौतिकी शिक्षक के रूप में, काम जारी रखा। 1979 में उन्हें क्रिश्चियन एंड मिशनरी अलायंस के साथ किचनर, ओंटारियो की एक कलीसिया की पासबानी करने का निमंत्रण मिला।
चार वर्ष बाद उन्हें विक्टोरिया, ब्रिटिश कोलंबिया से बुलाहट मिली, जहाँ उन्होंने अगले आठ वर्ष तक पासबानी की, और जहाँ वे आज भी रहते हैं। 1990 में गैरेथ को मर्सी शिप, एम/वी अनास्तासिस पर पादरी के रूप में सेवा करने का निमंत्रण मिला, जो यूरोप और पश्चिमी अफ्रीका के बीच काम करता था। वहाँ उन्होंने और ऐन ने जहाज़ के कर्मीदल की सेवा की, और उन्हें कलीसियाओं, पासबानों के सेमिनारों तथा मिशनरी सम्मेलनों में बोलने के अनेक अवसर मिले।
1994 में जहाज़ छोड़ने के बाद से गैरेथ ने व्यापक यात्राएँ की हैं, और शिष्यत्व प्रशिक्षण विद्यालयों तथा विविध सम्मेलनों में शिक्षा दी है। गैरेथ और ऐन की तीन बेटियाँ और नौ नाती-पोते हैं।
मनन के लिए प्रश्न
पासबान बनने से पहले गैरेथ का पेशा क्या था?
वे माध्यमिक विद्यालय में भौतिकी के शिक्षक थे; उनके पास वेल्स विश्वविद्यालय से भौतिकी में ऑनर्स सहित स्नातक की उपाधि और शिक्षा में डिप्लोमा था। 1975 में जब वे और ऐन कनाडा जा बसे, तब भी उन्होंने पढ़ाना जारी रखा।
गैरेथ ने पासबान के रूप में कहाँ-कहाँ सेवा की?
1979 में उन्हें क्रिश्चियन एंड मिशनरी अलायंस के साथ किचनर, ओंटारियो की एक कलीसिया की पासबानी करने का निमंत्रण मिला, और चार वर्ष बाद विक्टोरिया, ब्रिटिश कोलंबिया से बुलाहट मिली, जहाँ उन्होंने आठ वर्ष तक पासबानी की।
1994 में मर्सी शिप छोड़ने के बाद से गैरेथ ने क्या किया है?
उन्होंने व्यापक यात्राएँ की हैं, और शिष्यत्व प्रशिक्षण विद्यालयों तथा सम्मेलनों में शिक्षा दी है।
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